Corona काल मे ऑनलाइन पढ़ाई का दौर

by Pankaj Kumar
Digital Learning

जैसा कि आप सब को विदित है कि वर्तमान मे पुरा विश्व कोरोना महामारी से ग्रस्त है और दिन प्रतिदिन इसके द्वारा किये गये विनाश को विश्व अपने घरों से देख रहा है। इस महमारी के कारण ऐसा कौनसा क्षेत्र है जो इसके द्वारा किये गये विनाश को नहीं सह रहा, चाहे वो देश कि अर्थ्वव्यवसथा हो या व्यापार सम्भधी गतिविधियाँ हो, Corona ने सब चीजों का रुख बदल कर रख दिया है मुझे यह कहने मे कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि इन सबमें महतव्पूर्ण सेक्टर जो कि शिक्षा का क्षेत्र है वह भी बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है, लाखों बच्चे राह ताक रहें है कि कब इस लाइलाज बीमारी का अंत होगा और वे सब अपने अपने स्कूल और कालेजों मे जा सकेंगे।

इस बीमारी ने हमे ये सोचने पर मजबुर कर दिया है कि अब हमें इसका कुछ विकल्प देखना पड़ेगा क्योंकि शिक्षा के द्वारा ही मनुष्य का मानसिक व शारीरिक विकास होता है। अगर ये शिक्षा रुक जाति है तो आप अंदाजा लगा सकते है कि हमारे आने वाली पीढ़ी कहीं न कहीं वो स्तर जो सदियो से चला आ रहा है। शायद वो कायम ना रख पाये।

इसी के संधर्भ मे हमे ऑनलाइन के दौर के बारे मे सोचना पड़ेगा जो कि भविष्य कि भी कहीं ना कहीं जरुरत भी है। ऐसा नहीं है कि भारत देश में ऑनलाइन पढ़ाई कोई नयी बात है, इसके पहले भी हम 1975 मे इसरो एंव आल इंडिया रेडियो कि सहायता से इसे चला पाये है तथा इसकी सफलता के बाद हमने INSAT(INDIAN NATIONAL SATELLITE)  के द्वारा भी हमने ऑनलाइन पढ़ाई जो कि टेलीविजन के माधयम से करवाई जाति थीं, उसे हम चला पाये है इसके बाद तो हमने इस क्षेत्र  मे काफी मुकाम हासिल किये जैसे कि हमने INSAT-1A , IGNOU से सम्भंदित कार्यक्रम जो कि दूर्दर्शन पर दिखाये जाते थे तथा ज्ञान दर्शन के नाम से काफी कार्यक्रम टेलीविजन पर प्रसारित होने लगे थे।

परंतु कहीं ना कहीं संसाधनो की कमी के चलते यह ज्यादा पहुँच नहीं कर पाया, इंटरनेट कि पहुँच इतनी नहीं थी कि वह ग्रामीण इलाके के विद्यार्थियों को सेवा दे पाता। अब जब कोरोना ने हमे उस मोड़ पे खड़ा कर दिया जिस से हम पीछे नहीं जा सकते थे,तो इसलिए इस महामरी के वक़्त ऑनलाइन पढ़ाई ही सबसे उचित साधन हमारे लिये निकल कर आया।

ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिये हमे टेक्नोलॉजी ने काफी उपकरण प्रदान किये है जिस के द्वारा हम ऑनलाइन पढ़ाई कराने मे सफल हो पाये है। अब चूँकि सब कुछ ऑनलाइन है तो इसके कुछ सकारात्मक ओर कुछ नकारात्मक पक्ष होंगे जिससे हमें गुजरना पड़ेगा तो आइये अब इन्हीं को देखते है।

ऑनलाइन पढ़ाई के सकारात्मक पक्ष:                       

  • इसका सबसे अच्छा पहलू है इसकी आसान और सरल पहुँच जो कि इसे सुगम बनाता है।
  • हमे यह सुन्म्यता प्रदान करता है कि हम अपना काम बडे आराम से कर सकते है जब चाहें तब कर सकते है।
  • इसकी सबसे बडी़ खूबी ये है कि ये हमे आत्मनुशासन सिखाता है जो किसी भी विद्यार्थी के जीवन मे अहम भुमिका निभाता है।
  • हम अपने अनुसार समय कि व्यवस्था पढ़ाई के लिये कर सकते है।
  • ऑनलाइन शिक्षा आपको बड़ा मंच प्रदान करती है जहां आप अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते है।
  • सबसे बडी़ बात यह है कि आप अपने घर मे अपनी पढ़ाई कर सकते है।

ऑनलाइन पढ़ाई के नकारात्मक पक्ष :

  • चूँकि पढ़ाई आप अपने घर पर करते हो तो कहीं ना कहीं आपको अपने समय का सदुपयोग सही ढंग से  करना होगा।
  • जब आप अपने घऱ पर ही पढ़ रहे हो तो ये आपको अपने काम के प्रति जिम्मेवार होना पड़ेगा।
  • यदि आप पढ़ाई कें प्रति क्रियाशील नही है तो आप को बडी़ मुक्शिल होने वाली है।
  • यदि समय आपका है तो आप चीजों में विलंब करना शुरु कर देते है और वो इस ऑनलाइन के जमाने मे आपको कहीं ना कहीं पीछे छोड़ देती है।
  • ऑनलाइन पढ़ाई मॆं हर एक विद्यार्थी पर ध्यान देने का समय नही होता तो इसमें काफी विद्यार्थी पढ़ाई मे पीछे छुट जाते है।
  • ऑफलाइन स्कूल मे लैबोरेटरी की क्लास होती है जो सब्जेकट की विषय को वस्तु समझने मे अह्म भुमिका निभाती है पर ऑनलाइन मे इसका कोई प्रावधान नहीं है।

ऑनलाइन शिक्षा को बेहतर बनाने के लिये क्या किया जा सकता है :

  • टेक्नोलॉजी के विस्तार के लिये सरकार को उचित कदम उठाने चाहियें जिस से सभी की पहुँच इस तक हो सके।
  • इंटरनेट का विस्तार ग्रामीण इलाकों तक होना चाहिये ताकि वहा के विद्यार्थी भी इसका लाभ उठा सकें।
  • उच्च शिक्षा हेतु रिसर्च का काम बहुत महतव्पूर्ण होता है परंतु ऑनलाइन समावेश मे भी इसका कोई विकल्प नहीं नज़र आ रहा है  तो इसके लिये भी सरकार को कदम उठाने की जरूरत है।
  • इस नयी ऑनलाइन शिक्षा नीति मे टेक्नोलॉजी का बड़ा योगदान है तो ह्मे जरुरत है कि बड़े पैमाने पर अध्यापकों के लिये ट्रेनिंग की सुविधा उप्लब्ध करवाई जाएँ ताकि उनके द्वारा सभी विसंगतियों को दूर किया जा सके।
  • समय समय पर सरकार द्वारा शिक्षा नियोजन के लिये कई प्रकार के कार्यक्रम चलाये जाते है जो कि कहीं ना कहीं अपना असर नहीं छोड़ पाते है अब हमे जरुरत है एक ऐसे प्रयास कि जो शिक्षा जगत मे क्रांति लाने का काम करे जिस से वर्तमान में आ रही सभी विसंगतियों को दूर किया जा सके और इस कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।

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